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टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² के लकà¥à¤·à¤£, कारण, घरेलू उपचार और परहेज
जब à¤à¥€ कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² (Tonsils) की बीमारी से परेशान होता है तो उसका खाना-पीना बंद हो जाता है। गले में बराबर दरà¥à¤¦ होता रहता है। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² के कारण गले में जलन और सूजन हो जाती है। आमतौर पर जब किसी को टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² रोग होता है तो रोगी à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवाओं का उपयोग करता है, लेकिन कई बार à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवा पूरी तरह असरदार साबित नहीं होती। à¤à¤¸à¥‡ में आप टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² का घरेलू उपचार अपना सकते हैं।Â
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ की बीमारी असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ खान-पान के कारण होती है। यह मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ कफ दोष के कारण होती है। आप आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¥€à¤¯ उपचार से शरीर के दोषों को ठीक कर सकते हैं, जिससे टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ की सरà¥à¤œà¤°à¥€ कराने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ नहीं आती। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ (Tonsil stones) à¤à¥€ à¤à¤¸à¥€ ही à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है जिसमें टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² में मौजूद गडà¥à¤¢à¥‹à¤‚ में खाने के छोटे छोटे टà¥à¤•ड़े जमा होकर सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ का रूप धारण कर लेते हैं। इसे टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥‹à¤²à¤¿à¤¥à¥à¤¸ (Tonsilloliths) à¤à¥€ कहते हैं। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ (Tonsil stones) की समसà¥à¤¯à¤¾ बॠजाने पर इलाज के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² कà¥à¤¯à¤¾ है? (What is Tonsillitis or Tonsils in Hindi?)
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤¿à¤¨ को ‘तà¥à¤£à¥à¤¡à¥€à¤•ेरी शोथ’ कहा गया है। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ शरीर का à¤à¤¸à¤¾ अंग हैं, जो गले के दोनों तरफ रहता है। यह शरीर के रकà¥à¤·à¤¾-तंतà¥à¤° में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है, और बाहरी इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ से शरीर की रकà¥à¤·à¤¾ करता है। यह हमारे शरीर की लसीका पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ (Lymphatic System) का हिसà¥à¤¸à¤¾ हैं, जो बाहरी संकà¥à¤°à¤®à¤£ से लड़ने में मदद करते हैं।Â
जब टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार का संकà¥à¤°à¤®à¤£ होता है तो इनके आकार में बदलाव और सूजन आ जाती है। इसे टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (Tonsillitis) कहते हैं। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ आकार में 2.5 से.मी. लमà¥à¤¬à¥‡, 2 से.मी. चौड़े और 1.2 से.मी. मोटे होते हैं। वैसे तो टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° में हो सकता है, लेकिन यह अधिकतर बचपन में होता है। यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पाया जाने वाला à¤à¤• सामानà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ है। छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से लेकर किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ (5-15 साल तक) के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अधिक होता है।
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टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²Â होने के कारण (Tonsils Causes in Hindi)
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ होने के ये कारण हो सकते हैंः-
वायरल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ (कॉमन कोलà¥à¤¡) के कारण।Â
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ में होने वाला सबसे सामानà¥à¤¯ रोग Streptococcus Pyogenes है।
इसके अलावा सà¥à¤Ÿà¥‡à¤«à¤¿à¤²à¤²à¥‹à¤•ोकस ऑरियस (Staphylococcus Aureus), मायकोपà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ निमोनिया( Mycoplasma Pneumonia) à¤à¥€ à¤à¤• कारण है।
इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा के कारण टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ होता है, जिसे फà¥à¤²à¥‚ कहा जाता है।
कोरोनावायरस के कारण, इसके दो उपपà¥à¤°à¤•ारों में से à¤à¤• SARS का कारण à¤à¥€ है।
बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठणà¥à¤¡à¤¾ खाने या पीने (आइसकà¥à¤°à¥€à¤® या कोलà¥à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क) से।
रोगपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर होने से।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ (Tonsillitis Symptoms in Hindi)
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² के ये लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैंः-
गले में तेज दरà¥à¤¦ होना तथा कà¥à¤› à¤à¥€ निगलने में कठिनाई होना।
कान के निचले à¤à¤¾à¤— में à¤à¥€ दरà¥à¤¦ रहना।
जबड़ों के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में सूजन।
गले में खराश महसूस होना, à¤à¤µà¤‚ मà¥à¤‚ह से बदबू आना।
अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• कमजोरी, थकान और चिड़चिड़ापन होना।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में सांस लेने में तकलीफ, à¤à¤µà¤‚ लार टपकाना जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² का इलाज करने के लिठघरेलू उपाय (Home Remedies for Tonsillitis Treatment in Hindi)
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² के इलाज (Tonsil ka ilaj) के लिठआप ये घरेलू उपचार कर सकते हैंः-
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नमक से टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² का इलाज (Salt: Home Remedy to Treat Tonsils in Hindi)
नमक के पानी से गरारा करें। इससे सूजन कम होती है। यह टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² को घर पर ही ठीक करने (tonsillitis treatment at home) का बहà¥à¤¤ ही आसान उपाय है।
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नींबू से टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² का घरेलू उपचार (Lemon: Home Remedies for Tonsil Treatment in Hindi)
à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद में नींबू के रस की 2-3 बूंद मिलाकर बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में तीन बार सेवन कराà¤à¤‚।
गरम पानी में नींबू का रस और ताजा अदरक पीस कर मिलाà¤à¤‚। इस पानी से हर 30 मिनट में गरारा करें।
गरम पानी में नींबू का रस, चà¥à¤Ÿà¤•ी à¤à¤° नमक, तथा काली मिरà¥à¤š मिला कर गरारा करें।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² के घरेलू इलाज के लिà¤Â अदरक का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— (Ginger help to reduce Tonsillitis Symptoms in Hindi)Â
अदरक के रस को शहद के साथ मिलाकर चाटने से सूजन तथा दरà¥à¤¦ से आराम मिलता है।
दूध और हलà¥à¤¦à¥€ से टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² का उपचार (Milk with Turmeric: Home Remedies for Tonsillitis Treatment in Hindi)
गरà¥à¤® दूध में à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी हलà¥à¤¦à¥€ डालकर रात में सोने से पहले सेवन करें। हलà¥à¤¦à¥€ का सेवन टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² के साथ-साथ कई रोगों को ठीक करने में मदद करता है।
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टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² का घरेलू इलाज फिटकरी से (Alom: Home Remedy to Treat Tonsils Disease in Hindi)
फिटकरी के पाउडर को पानी में उबालकर गरारा करें। यह टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² की परेशानी को कम कर आपको आराम पहà¥à¤‚चाता है।
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टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² का घरेलू इलाज लहसà¥à¤¨ के सेवन से (Garlic Help to Reduce Tonsillitis Symptoms
in Hindi)
पानी में 4-5 लहसà¥à¤¨ डाल कर उबाल लें। इस पानी से गरारा करें। यह घरेलू इलाज (Tonsil ka ilaj) सूजन और जलन से आराम दिलाता है।
Garlic benefits
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² का घरेलू उपचार मेथी से (Methi: Home Remedies to Cure Tonsillitis in Hindi)
6-7 गà¥à¤°à¤¾à¤® मेथी के बीजों को à¤à¤• लीटर पानी में गरम करें। इससे दिन में तीन बार गरारा करें। यह टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता है।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² के इलाज के लिठपà¥à¤¯à¤¾à¤œ का नà¥à¤¸à¥à¤–ा (Onion: Home Remedy for Tonsillitis in Hindi)
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ के रस को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में मिलाकर गरारा करें। टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² में यह बहà¥à¤¤ लाठपहà¥à¤‚चाता है।
तà¥à¤²à¤¸à¥€ और शहद से टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² का उपचार (Tulsi and Honey Help to reduce Tonsillitis Symptoms in Hindi)
à¤à¤• गिलास दूध में 4-6 तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡ उबाल लें। गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ होने पर आधा चमà¥à¤®à¤š शहद मिलाकर सेवन करें।
Tulsi benefits for tonsils
कà¥à¤‚जल कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² का इलाज (Kunjal Kriya : Ayurvedic treatment for Tonsils in Hindi)
सà¥à¤¬à¤¹ लगà¤à¤— 7-8 गिलास पानी को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ करें। इसमें नमक मिलाà¤à¤‚। उकड़ू होकर बैठजाà¤à¤‚। अपनी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पानी पिà¤à¤‚। जब पानी गले तक आ जाठऔर उलà¥à¤Ÿà¥€ आने लगे, तब à¤à¥à¤•कर पेट को दबाà¤à¤‚। उंगली से जीठको सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करें। à¤à¤¸à¤¾ करने से उलà¥à¤Ÿà¥€ होगी। à¤à¤¸à¤¾ पेट का सारा पानी बाहर निकलने तक करें। इसके आधे घणà¥à¤Ÿà¥‡ बाद गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ दूध पी लें। यह कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट करनी चाहिà¤à¥¤
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योग से टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² का उपचार (Yoga Helps in Tonsillitis Treatment)
आप योग से à¤à¥€ टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² का उपचार कर सकते हैंः-
पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें।
कपालà¤à¤¾à¤‚ति, अनà¥à¤²à¥‹à¤®-विलोम, उजà¥à¤œà¤¾à¤¯à¥€ à¤à¤µà¤‚ à¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤•ा करें।
कà¥à¤‚जल कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करें।
सेतà¥à¤¬à¤‚धासन
पवनमà¥à¤•à¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¨
à¤à¥à¤œà¤‚गासन
उषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨
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टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ से बचाव के लिठआपका खान-पान (Avoid These Foods in Tonsillitis)
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ के लिठआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¥€à¤¯ उपचार के दौरान ये परहेज करना चाहिà¤à¤ƒ-
कफवरà¥à¤§à¤• पदारà¥à¤¥à¥‹ (दही, ठणà¥à¤¡à¤¾ दूध, ठणà¥à¤¡à¤¾ पानी, आईसकà¥à¤°à¥€à¤®, चावल) का सेवन बिलà¥à¤•à¥à¤² ना करें।
बासी à¤à¥‹à¤œà¤¨, जंकफूड का सेवन ना करें।
तला-à¤à¥à¤¨à¤¾ à¤à¤µà¤‚ अधिक मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ ना करें।
ठणà¥à¤¡à¥€ चीजे जैसे- दही, आइसकà¥à¤°à¥€à¤®, ठणà¥à¤¡à¥‡ पानी का सेवन बिलà¥à¤•à¥à¤² ना करें।
जंकफूड, तली-à¤à¥à¤¨à¥€, मसालेदार चीजों का सेवन बिलà¥à¤•à¥à¤² ना करें।
खाने को फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखने के बाद बार-बार गरà¥à¤® ना करें। à¤à¤¸à¤¾ करने से खाने के पोषक ततà¥à¤µ कम हो जाते हैं। इससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर पड़ जाती है।
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टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ से बचाव के लिठआपकी जीवनशैली (Lifestyle Tips in Tonsillitis)
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² से बचाव के लिठआपका जीवनशैली à¤à¤¸à¥€ होनी चाहिà¤à¤ƒ-
यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होने वाला रोग है, इसलिठइसमें साफ-सफाई का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें।
कà¥à¤› खाने से पहले हाथों को अचà¥à¤›à¥€ तरह से धोà¤à¤‚।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने पर घर पर रखकर देखà¤à¤¾à¤² करें। सà¥à¤•ूल में वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने का खतरा रहता है।
खांसने और छींकने के बाद हाथों को धोà¤à¤‚।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ से संबंधित आपके सवाल-जवाब
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ होने पर कब डॉकà¥à¤Ÿà¤° से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करना चाहिà¤?
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने पर तà¥à¤°à¤‚त टांसिल की à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवा  ना खाà¤à¤‚, बलà¥à¤•ि घरेलू उपचार से इलाज करें। अगर टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² के लकà¥à¤·à¤£ (tonsil ke lakshan) à¤à¤• दो दिन में ठीक ना हो तब इसका आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• इलाज (ayurvedic treatment for tonsils) कराà¤à¤ या फिर जाकर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें । टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ में सही उपचार à¤à¤µà¤‚ खान-पान से बीमारी à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में ठीक हो जाती, है लेकिन अगर बà¥à¤–ार à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बना रहे, और दरà¥à¤¦ लगातार बढ़ता जाà¤, तो तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाना चाहिà¤à¥¤ यह किसी गमà¥à¤à¥€à¤° रोग का लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हो सकता है।
अगर किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को साल में तीन से चार बार टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होता है, और टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²Â की दवा (tonsil ki dawa) से à¤à¥€ आराम नहीं मिलता हो तो उसे कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤?
à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° रोगी को सरà¥à¤œà¤°à¥€ कराने की सलाह देते हैं। इस ऑपरेशन में टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ को निकाल दिया जाता है, जिससे समसà¥à¤¯à¤¾ दोबारा नहीं होती, लेकिन इससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कà¥à¤·à¥€à¤£ हो जाती है। रोगी को बार-बार वायरल à¤à¤µà¤‚ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ होने का खतरा बना रहता है।
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